-
429
छात्र -
386
छात्राएं -
26
कर्मचारीशैक्षिक: 24
गैर-शैक्षिक: 02
परिकल्पना
- के. वि. सं. उच्च गुणवत्ता वाले शैक्षिक प्रयासों के माध्यम से उत्कृष्टता प्राप्त करने के लिए अपने छात्रों को ज्ञान/मूल्य प्रदान करने और उनकी प्रतिभा, उत्साह और रचनात्मकता का पोषण करने में विश्वास रखता है।
उद्देश्य
- शिक्षा का एक सामान्य कार्यक्रम प्रदान करके रक्षा और अर्ध-सैन्य कर्मियों सहित स्थानांतरणीय केंद्र सरकार के कर्मचारियों के बच्चों की शैक्षिक आवश्यकताओं को पूरा करना है।
- स्कूली शिक्षा के क्षेत्र में उत्कृष्टता हासिल करने और गति निर्धारित करने के लिए।
- केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (सीबीएसई) और राष्ट्रीय शैक्षिक अनुसंधान और प्रशिक्षण परिषद (एनसीईआरटी) आदि जैसे अन्य निकायों के सहयोग से शिक्षा में प्रयोग और नवाचारों को शुरू करना और बढ़ावा देना।
- राष्ट्रीय एकता की भावना का विकास करना और बच्चों में “भारतीयता” की भावना पैदा करना।

विद्यालय के बारे में
उत्पत्ति
पीएम श्री केंद्रीय विद्यालय क्रमांक 1, छिंदवाड़ा , केंद्रीय विद्यालय संगठन, जबलपुर संभाग के अंतर्गत आने वाले प्रमुख विद्यालयों में से एक है। यह विद्यालय **भारत सरकार के शिक्षा मंत्रालय** के तवधान में संचालित है। वर्ष 1993 में स्थापित यह विद्यालय अपने विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्रदान करने के साथ-साथ उनके सर्वांगीण विकास, अनुशासन, नैतिक मूल्यों एवं रचनात्मक प्रतिभाओं को विकसित करने के लिए निरंतर प्रयासरत हैा जाता है।...
विद्यालय के दृष्टिकोण के बारे में
रक्षा और अर्ध-सैनिक बलों सहित केंद्र सरकार के स्थानांतरणीय कर्मचारियों के बच्चों की शैक्षिक आवश्यकताओं को पूरा करने के लिए शिक्षा का एक सामान्य कार्यक्रम प्रदान करना। उत्कृष्टता का पीछा करने और स्कूली शिक्षा के क्षेत्र में गति निर्धारित करने के लिए। ..
विद्यालय के उद्देश्य के बारे में
शिक्षा का एक सामान्य कार्यक्रम प्रदान करके रक्षा और अर्धसैनिक कर्मियों सहित हस्तांतरणीय केंद्र सरकार के बच्चों की शैक्षिक आवश्यकताओं को पूरा करना। उत्कृष्टता का पीछा करने और स्कूली शिक्षा के क्षेत्र में गति निर्धारित करने के लिए| ...
संदेश
श्री विकास गुप्ता, भा. प्र. से., आयुक्त
शिक्षक दिवस 2026 के अवसर पर मैं देश के समस्त शिक्षक समुदाय को अपनी हार्दिक शुभकामनाएँ प्रेषित करता हूँ।
आज जब शिक्षा का क्षेत्र तीव्र गति से परिवर्तन के दौर से गुजर रहा है, तब भी शिक्षण की मूल भावना और उसका सार शाश्वत है। देशभर के केन्द्रीय विद्यालयों में हमारे शिक्षक पूर्ण समर्पण, प्रतिबद्धता और अटूट उत्साह के साथ शिक्षा के उद्देश्य को आगे बढ़ा रहे हैं।
श्री दिग्ग राज मीना
उप आयुक्त
छात्रों के लिए असीमित आकाश में उच्च उड़ान हेतु शिक्षा को विभिन्न क्षेत्रों में सही मूल्यों के साथ सही दिशा में लाने का प्रयास होना चाहिए। बच्चों को इस जटिल दुनिया की समस्याओं एवं चुनौतियों का सामना करने हेतु तैयार करना चाहिए। उनमें सहनशीलता, करुणा एवं कमजोर के लिए सहानुभूति का भाव होना चाहिए। हम ऐसी दुनिया में रहते हैं जहां पर्याप्त जानकारी तो उपलब्ध है, किन्तु इसे समझने एवं लाभकारी ढ़ंग से प्राप्त करने की क्षमता शिक्षा से ही प्राप्त होती है। हमें केन्द्रीय विद्यालय संगठन के संस्थानों में इस दृष्टिकोण और अत्यंत कठिन मिशन को पूरा करने हेतु प्रशासक, शिक्षक एवं सलाहकार की भूमिका के रूप में कार्यभार सौंपा गया है। हमारा प्रयास शिक्षा को आनंदप्रद और सार्थक बनाना है। हम शैक्षिक परिवर्तनों को शामिल करने, प्रौद्योगिकी को एकीकृत करने, महत्वपूर्ण विचार कौशल विकसित करने, ज्ञान के लिए एक खोज उत्पन्न करने के लिए प्रयत्नशील है। ऊंचा उदय मानव प्रकृति है लेकिन मानवीय मूल्यों में उचित प्रशिक्षण के बिना, हम इन्हें स्वतंत्र उड़ान हेतु पंख देने में सक्षम नहीं हो सकते हैं। युवाओं का चरित्र राष्ट्रीय सेवा और विकास हेतु परिपूर्ण बनाने के लिए विज्ञान और आध्यात्मिकता को सामंजस्यपूर्ण रूप से मिश्रित किया जाना चाहिए। यह मेरा विश्वास है कि सही दृष्टिकोण और सम्मिलित कार्य के साथ जबलपुर क्षेत्रीय कार्यालय में उत्कृष्टता के लिए गणना एवं खोज के लिए बल विकसित होगा,जोकि मुश्किल होने के साथ असंभव नहीं हैं। माँ के शब्दों में, “हमेशा पूर्णता के लिए प्रयास करना चाहिए और आज के पूर्णता के विशिष्ट स्तर को आज तक कोई फर्क नहीं पड़ा क्योंकि कोई कल कम से कम एक कदम तक पहुंचता है।
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श्री हरि प्रसाद धारकर
प्राचार्य
शिक्षा मनुष्य में पहले से मौजूद पूर्णता की अभिव्यक्ति है। जिस प्रशिक्षण से इच्छाशक्ति की धारा ,अभिव्यक्ति को वश में किया जाता है और फलदायी बनाया जाता है, उसे शिक्षा कहते हैं। शिक्षा को संकाय के विकास के रूप में या व्यक्तियों को सही और कुशलता से इच्छाशक्ति के प्रशिक्षण के रूप में वर्णित किया जा सकता है, ना कि शब्दों के संचय के रूप में ।
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यह रिपोर्ट पीएम श्री केन्द्रीय विद्यालय नं. 1 छिंदवाड़ा पाली-2 के श्री धनराज खेरपुसे (टीजीटी विज्ञान) की महत्वपूर्ण उपलब्धियों और योगदानों को रेखांकित करती है।
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वैष्णवी टेकाम को हिंदुस्तानी शास्त्रीय गायन श्रेणी में 'रूट्स 2 रूट्स' राष्ट्रीय पुरस्कार से सम्मानित किया गया।
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